इराक़ के सुन्नी धर्मगुरुओं की परिषद के प्रमुख ने इस देश के बटवारे के षड्यंत्र को सुन्नी संप्रदाय के लिए हानिकारक बताया है।
रसा समाचार एजेंसी के अनुसार, शैख़ ख़ालिद अब्दुल वह्हाब अलमला ने इराक़ के बटवारे के षड्यंत्र के लिए कुछ राजनेताओं की आतंकवादी गुटों से साठगांठ का उल्लेख करते हुए कहा कि सुन्नी संप्रदाय को इस ख़तरनाक षड्यंत्र से सबसे ज़्यादा नुक़सान होगा। उन्होंने सोमवार को इराक़ को बांटने के षड्यंत्र पर आधारित हर प्रकार की कार्यवाही की निंदा करते हुए कहा कि इस ख़तरनाक मार्ग पर बढ़ने वाले राजनेताओं और षडयंत्रकारियों के बीच कोई अंतर नहीं है।
इराक़ के सुन्नी धर्मगुरुओं की परिषद के अध्यक्ष ने कहा कि शत्रु, दीर्धकालीन सांप्रदायिक हिंसा के माध्यम से इस इराक़ को बाटने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने पूरी जनता से आतंकवादी अपराधों से दूर रहकर एकता व सम्मान के साथ ज़िन्दगी बिताने की अपील की।
रविवार को इराक़ के पूर्व प्रधानमंत्री व इराक़ की क़ानून सरकार के गठबंधन के अध्यक्ष नूरी मालेकी ने भी देश के ख़िलाफ़ नए षड्यंत्रों के बारे में सचेत किया था। उन्होंने कहा था कि एेसे षड्यंत्र रचे जा रहे थे जिसका लक्ष्य क्षेत्र का बटवारा और ख़ास तौर पर इराक़ में सांप्रदायिक झड़पें भड़काना है।